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21 January 2008

भोला छत्तीसगढ़िया,चतुर बी एस पी और गोविंद पटेल


दैनिक भास्कर रायपुर के सिटी रिपोर्टर श्री गोविंद पटेल से हम भोला छत्तीसगढ़िया,चतुर बी एस पी वाली रिपोर्ट के मार्फत रूबरू हो ही चुके हैं। भोला छत्तीसगढ़िया,चतुर बी एस पी के माध्यम से उन्होने बी एस पी (भिलाई स्टील प्लांट) की मानसिकता को उजागर करने का प्रयास किया था जिस पर पाठकों की प्रतिक्रिया आई। उन्हें पढ़कर गोविंद नें पाठको का अभिवादन करते हुए अपनी बात रखी है। आइए पढ़ें---


संजीत भाई,
आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने मेरी भावना को लोगों तक पहुंचाने में सहयोग किया।
पाठकों से जो प्रतिक्रिया मिली है मै इसके लिए उनका भी धन्यवाद करता हूं। इन सबसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। अखबार में लिखने से इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाती।
1. आशीष महर्षि जी की टिप्पणी से लगा कि वास्तव में अपने विचार गंभीर शब्दों के बजाए बोलचाल की आम भाषा में,शार्ट में रखना चाहिए।
2. सुरेश जी की टिप्पणी से आत्मबल मिला कि कोई तो है जो इसके लिए राज्य सरकार को नेक सलाह दे सकता है।
3.विनीत कुमार जी ने ब्लाग की ताकत का अहसास कराया है।
4. शिव कुमार जी ने राजनीति का हुलिया दिखाया है।
5. श्री ज्ञानदत्त पांडेय जी से मैं भी सहमत हूं। लेकिन जब मैंने बीएसपी(भिलाई स्टील प्लांट) के जनसंपर्क विभाग को उनका पक्ष लेने फोन किया तो उनके डीजीएम (पीआर) श्री जग्गी ने किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यह आंतरिक मामला है।
स्थानीय विधायक ने भिलाई में एक मंच से लेख के विरोध में कहा कि जो एमओयू का विरोध कर रहे हैं वे भिलाई का विकास नहीं चाहते। यूनिवर्सिटी खुलने से भिलाई मजबूत होगा और भिलाई छत्तीसगढ़ का बैकबोन है। उनका कहना था कि जिस कोर्स को सेल प्रायोजित करेगा उसी में आरक्षण का नियम लागू होगा। लेकिन हमारा कहना है कि जब भिलाई में पढे-लिखे लोग रहते हैं तो आखिर आरक्षण क्यों? ये वही लोग हैं जो आदिवासियों और पिछडे वर्ग को आरक्षण देने के विरोध में कहने से नहीं थकते। हालांकि हम भी जातिगत आरक्षण के कट्टर विरोधी है।
6.तरुण,ममता
और अनुराधा जी का कथन सही है।
7. श्री संजीव तिवारी छत्तीसगढ़िया जी ने भिलाई में लोगों के अंदर दहक रही आग को बताया है। वास्तव में ऐसी भावना लोगों के मन में है।
हमारा लक्ष्य है कि ऐसी भावनाएं समाप्त होनी चाहिए। क्षेत्रवाद और गुटबाजी से देश का भला नहीं होने वाला। यूनिवर्सिटी का यह मामला जिसके दुष्परिणाम अभी नजर नहीं आएंगे। यह कहीं न कहीं शोषण... अराजकता..... और नक्सली विचारधारा को बढाने वाला है।
एक बार फिर आप सबका धन्यवाद
गोविंद पटेल
सामान्य सूची (जनरल लिस्ट=जर्नलिस्ट)
बजरंग चौक धमधा



5 टिप्पणी:

ALOK PURANIK said...

भई फोटू वाह वाह है जी। हाथी भौत ही हेल्थ कांशस है जी। अवधियाजी की सारी जडी बूटी एडवाइज फालो करता दीक्खै।

Gyandutt Pandey said...

सरकारी विभाग से कोई अगड़म-बगड़म सूचना निकलवाना सरल काम थोड़े ही है, कि आपने फोन किया और उन्होने बताया! :-)

Dard Hindustani (पंकज अवधिया) said...

अब पटेल जी को भी हिन्दी ब्लाग जगत मे आमंत्रित करे।

छत्‍तीसगढिया .. Sanjeeva Tiwari said...

पटेल जी धन्‍यवाद जो आपने अपनी ओर से प्रयास किया प

Manish said...

मेरी प्रतिक्रिया पर पटेल जी की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई ! :)

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