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20 December 2007

"मुझ पर भी किया गया जादू-टोना"

"मुझ पर भी किया गया जादू-टोना"


"मुझ पर भी किया गया जादू-टोना"। यह कथन किसी सामान्य व्यक्तित्व का नही है। यह कहना है एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजिनियर का,आई पी एस, आई ए एस, लोकसभा व राज्यसभा के सांसद, कांग्रेस के प्रवक्ता व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रह चुके श्री अजीत जोगी का।


19 दिसंबर को स्थानीय अखबार नवभारत में छपी इस खबर के मुताबिक अजीत जोगी ने आरोप लगाते हुए कहा कि "जिस सड़क दुर्घटना में वे घायल हुए थे वह महज एक हादसा नही था, बल्कि इसके लिए षड़यंत्र पूर्वक जादू-टोने का भी सहारा लिया गया था।

उपरोक्त बात कोई अनपढ़ व्यक्ति कहता तो इसे शायद नज़रअंदाज़ किया भी जा सकता था लेकिन आश्चर्य कि यह बात उस बंदे ने कही जिसने सबसे पहले तो इंजिनियरिंग की पढ़ाई में गोल्ड मेडल हासिल किया फ़िर आई पी एस में सलेक्ट हुए फ़िर आई ए एस में भी , फ़िर सालों तक कई जिलों मे कलेक्टर रहे। फ़िर इस्तीफ़ा देकर राज्यसभा व लोकसभा के सांसद और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे। और जिसे छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री होने का श्रेय भी हासिल है। ऐसा ज़हीन दिमाग का धनी व्यक्ति अगर ऐसी बात कहे तो आश्चर्य होगा ही।

जोगी जी सालों जिला कलेक्टर रहे हैं। उस समय बतौर एक जिलाधीश शायद उन्होनें जादू-टोना वाली बातों का विरोध ही किया हो क्योंकि तब वह कर्तव्य की मजबूरी रही होगी। आज अगर वह खुद पर जादू-टोना किए जाने की बात कर रहे हैं तो शायद यह राजनीति और वोट बैंक की मजबूरी होगी। यह तो खैर जोगी जी खुद ही ज्यादा अच्छे से बता पाएंगे। गौरतलब है कि जोगी जी ने यह बात सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास की जयंती पर आयोजित एक समारोह में कही जहां सतनाम पंथ के अनुयायी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

वाह रे राजनीति!!

साल भर बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सहानुभूति लहर अभी से खड़ा किए जाने की कवायद साफ़ दिखाई दे रही है। पर जहां मुख्यमंत्री स्तर के नेता ऐसी बात कहें वहां क्या उम्मीद की जाए।

यह तो खैर है कि यह समारोह बिलासपुर जिले के मुंगेली में एक छोटे से गांव में हुआ। अगर कहीं इस कार्यक्रम को कवर करने के लिए इंडिया टी वी का कोई संवाददाता मौजूद होता तो रात में एक घंटे का ब्रेकिंग न्यूज़ पक्का इसी बयान पर आधारित होता। ;)

18 टिप्पणी:

ज्ञानदत्त पाण्डेय । GD Pandey said...

सत्ता से बाहर होने पर बुद्धि और संज्ञा खिसक जाती है। काफी समय से यह हो रहा है जोगी के साथ।

मीनाक्षी said...

"इंजिनियरिंग की पढ़ाई में गोल्ड मेडल"
कोई फर्क नहीं पड़ता..नानी कहा करती थी 'पढ़े हुए और गुढ़ॆ हुए में फर्क होता है'
कितने ही अनपढ़ और कम पढ़े लिखे लोग रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में बहुत कुछ सिखा देते हैं..

anuradha srivastav said...

हद हो गई ये तो एक जागरुक गोल्डमेडलिस्ट इंजीनियर की बात कुछ हजम नहीं हुई ।शायद वोट बैंक की नीति काम करती है और उसके लिये तो सब-कुछ जायज़ है।

अरुण said...

अब क्या करे कांग्रेसियो के साथ अब यही चल रहा है कही प्रधान मंत्री को हवन से डर लगता है कही उनके सिपह सालारो को...कही यह देश मे पूजा पाठ को गैर कानूनी घोषित कर बंद कराने की कोई ५/१० साल की योजना तो नही है..:)

Shiv Kumar Mishra said...

भइया पता करने वाली बात ये है कि जोगी जी ने इंजीनियरिंग, आए पी एस, आई ए एस, मंत्रीगीरी वगैरह-वगैरह कहीं जादू-टोना के सहारे तो नहीं किया था......:-)

मेरे ख़याल से यही बात होगी, नहीं तो जोगी जी को जादू-टोना पर इतना विश्वास नहीं होता.

Mired Mirage said...

भाई, बेचारे जादू टोना के मारों से कुछ सहानुभूति रखिये । जादू टोना तो जादू टोना होता है , ऐसा तो नहीं कि वह महान लोगों पर असर ना करे ! मेरी सहानुभूति अजीत जोगी जी के साथ है ।
वैसे कई लोग उन्हें ऐसे तावीज बेच सकते हैं जिससे पुन ऐसा ना हो । यह भी एक इन्डस्ट्री है
घुघूती बासूती

Mired Mirage said...

शुद्धि:
भाई, बेचारे जादू टोना के मारों से कुछ सहानुभूति रखिये । जादू टोना तो जादू टोना होता है , ऐसा तो नहीं कि वह महान लोगों पर असर ना करे ! मेरी सहानुभूति अजीत जोगी जी के साथ है ।
वैसे कई लोग उन्हें ऐसे तावीज बेच सकते हैं जिससे पुन: ऐसा ना हो । यह भी एक इन्डस्ट्री है ।

बाल किशन said...

यही तो नेतागिरी का कमाल है चित भी मेरी पट भी मेरी.

बहुत अच्छा लिखा आपने. और एकदम सही जगह पकड़ा.

संजय बेंगाणी said...

हमारे यहाँ हाइ-टेक गण्डे तावीज आदी बनाये जाते है. पीड़ित खिसकी खोपड़ी वाले सम्पर्क करें. :)

महेंद्र मिश्रा said...

भइया नेताओ की कोई जाति नही होती है चित्त भी मेरा पट्ट भी मेरा अंटा मेरे बाप का ..हा हा ..

anitakumar said...

शर्म्नाक है ऐसे व्यक्तव्य्…वैसे जोगी जी ने गोल्ड मेडल कौन सी यूनिवर्स्टी से पाया था उस यूनिवर्स्टी की भी जाचँ होनी चाहिए। हम ज्ञान जी और शिव जी की बात से सहमत हैं।

Prabhat said...

Mere khayal se to jogi sab ko yog-dhyan karna chahiy kuch kam k layak rajnitik vichar utpann ho jay ...shayad !

रंजू said...

अच्छा ऐसा भी होता है क्या ? :) नेताओं के साथ जरुर होता होगा ऐसा

परमजीत बाली said...

संजीतजी,आप की बात से सहमत हूँ कि हो सकता है यह वोट-बैंक के लिए ऐसा कह रहे हो....लेकिन यह भी तो हो सकता है वह सच कह रहे हो।

Undertrial said...

half-truths are also half-lies. i was present at the amartapu (mungeli) public meeting, in which the said remark was allegedly made by my father. at least half a dozen recordings of his speech are available.

to set the record straight, my father merely pointed to the seizure report of items found in the toyota qualis, the vehicle in which he was traveling at the time of his accident. the said report is available at the gariyaband police station. among the items listed are a "ball of human hair tied in a red string" and "a lemon".

he also very categorically asserted that "i do not believe in such things".

it is unfortunate that a serious blog like this one should pass judgment without bothering to verify facts.

amit aishwarya jogi

Remmish Gupta said...

In India, we believe in fair-journalism and everyone in the country is free to express his/her views. But it's really unfortunate that some journalists are intentionally (being bias obviously) pointing the fingers towards the PERSON who has shown us the way forward. Moreover, without realizing the impact it could have on one's image, we too are trying to throw the stone and passing the judgments without verifying the facts. I understand that whatever we read, we tend to believe in but isn't it our duty to inspect & verify the facts first before pointing the fingers? I've been reading this blog for quite a long time and admire the ability of the blogger for his writings & creativity and I know that he's not done anything purposely but this kind of remarks give a chance to the readers for having a blame-game without justifying the position and without realizing the vulnerability it might have against the PERSON being targeted!

Remmish Gupta

bhart yogi said...

bahut badiya ,,,,ye log kya samjhte hai ,,,janta ko murkh our kalm ko bikau,,,jadu tona ki aad lekar jogi ji chhttisgrh ko kanha le jana chahate hai,,

अहफ़ाज रशीद said...

ajit jogi ki baaton ka mazaak nahin udana chahiye. comment karne walon ke saath aaj tak aisa kuchh nahin huaa hai, iseeliye aap log use mazaak men uda sakte hain. humare yahan ye sab hota hai. media-house men bahut jald main aisee hi kuchh stories ka video present kar raha hun.us par comment karna aur us jagah par chalna mere saath. main jogi jee ka hamesha virodhi raha hun.sadak banwane ke liye aaj to wo jhaad bhi kaat diya gaya hai jahan renu jogi pooja paath karne jati thin. isi jhaad se takrakar jogi jee ghayal hue the.

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