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02 June 2007

अमित जोगी की रिहाई और छत्तीसगढ़ की राजनीति

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को माननीय न्यायालय ने जग्गी हत्याकांड से बरी कर दिया। अमित जोगी के बरी होनें से निश्चित तौर पर इसका असर आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति पर पड़ेगा।
इस मामले से जुड़े कुछ तथ्य-

4 जून 2003 की रात रायपुर में एक पुलिस थाने के करीब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के खास समर्थक रामअवतार जग्गी की ह्त्या के तत्काल बाद पुलिस ने मामला जिन धाराओं के तहत दर्ज किया उसका विरोध करते हुए स्व जग्गी के पुत्र ने तत्कालीन मुख्यमंत्री और उनके पुत्र अमित जोगी के खिलाफ़ हत्या के आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। हालांकि पुलिस ने इस एफ़ आई आर को शून्य करार देते हुए इस हत्या को लूट-पाट का मामला बताया और जांच शुरु कर आनन फ़ानन में कुछ गिरफ़्तारियां कर ली।
इसके बाद राज्य मे सरकार बदली और सत्ता संभालते ही भाजपा सरकार ने इस मामले को सी बी आई को सौंप दिया। और फ़िर सी बी आई की जांच का जो नतीजा आया वह हम सबके सामने है।
विशेष अदालत ने पुलिस द्वारा बनाए गए पहले मामले के सभी पांच आरोपियों को बरी कर दिया लेकिन इन्हें सी बी आई वाले मामले में सजा सुनाई गई। अब ध्यान देने लायक बात यह है कि पुलिस के बनाए गए मामले में सभी को बरी कर दिया गया इसका तात्पर्य यह है कि पुलिस ने वह मामला ही झूठा बनाया था, सिर्फ़ यह दिखाने के लिए कि पुलिस कुछ कर रही है।
अमित जोगी को तो बरी कर दिया गया लेकिन बाकी आरोपियों की किस्मत इतनी अच्छी नहीं रही। बचे 28 में से 19 आरोपियों को उम्रकैद और नौ को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई जिनमें अमित जोगी के नजदीकी लोग और तीन पुलिस अफ़सर भी हैं। दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए और उन्हें मुक्त कर दिया गया। इस मामले की जांच मे शुरु से ही ऐसे नतीजे आए जो लोगों को चौंकाते रहें.

जूनियर ए जे के बरी होने से जोगी परिवार ही नहीं बल्कि उनके समर्थक भी बहुत खुश हुए हैं लेकिन तस्वीर का दुसरा रुख यह है कि इस रिहाई से ना केवल जोगी के विरोधी दल वालों के मुंह लटक गए हैं बल्कि कांग्रेस में ही जोगी के विरोधी खेमे के लोग भी उदास हो गए हैं क्योंकि जोगी पर राजनैतिक हमला बोलने का एक अच्छा मौका इनके हाथ से निकल गया। दरअसल राज्य में शासन कर रही भाजपा मरवाही विधानसभा व राजनांदगांव लोकसभा के लिए हुए उपचुनावों में जोगी फ़ैक्टर और उनके चुनावी मैनेज़मेंट का नतीजा भुगत चुकी है और अभी वर्तमान में दो जगहों पर विधान सभा उपचुनाव के लिए लिए 2 जून को होने जा रहे हैं जहां फ़िर से जोगी फ़ैक्टर महत्वपूर्ण हो सकता है।
जूनियर जोगी के मामले में फ़ैसले का इंतजार ना केवल जोगी परिवार या उनके समर्थक कर रहे थे बल्कि भाजपा व कांग्रेस दोनो दलों मे बैठे जोगी के विरोधी भी कर रहे थे। विरोधियों का अनुमान था कि अगर फ़ैसला अमित जोगी के खिलाफ़ जाता है तो इस से उन्हें जोगी पर दुगुने जोश से चढ़ाई का मौका मिल जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नही। अब संभावना इस बात की है कि सीनियर जोगी पहले से और ज्यादा मजबूत होकर उभरेंगे। पहले ही आक्रामक राजनीति के लिए जाने जानें वाले अजीत जोगी अब अपने विरोधियों को किस तरह जवाब देंगे यह देखना दिलचस्प रहेगा। गौरतलब यह भी है कि करीब डेढ़ साल बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होनें है।

संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अपनी किस्मत आजमा चुके और अभी एल एल बी कर रहे जूनियर जोगी अभी सक्रिय राजनीति में तो नहीं है पर राज्य में कांग्रेस की युवा राजनीति में उनका दखल रहा है। चुनाव मैनेज़मेंट में उन्हें सफ़ल माना जा रहा है। सीनियर और जूनियर दोनो जोगी समर्थक चाहते हैं कि वह सक्रिय राजनीति में आएं। अब देखना यह है कि पिता-पुत्र क्या निर्णय लेते हैं।

वहीं दुसरी तरफ़ स्वर्गीय जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी एक ओर जहां अदालत के इस फ़ैसले से संतुष्ट है वहीं अमित जोगी को रिहा करने के फ़ैसले के खिलाफ़ हाईकोर्ट और जरुरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट भी जाने को तैयार हैं। इसका मतलब यह हुआ कि अभी इस मामले का पूरे तौर पर पटाक्षेप नहीं हुआ है और ना ही जूनियर ए जे के लिए अभी चैन के दिन पूरी तरह से लौटे है।

6 टिप्पणी:

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey said...

अच्छी सूचनायें दीं संजीत जी. पर क्या जोगी फैक्टर अभी भी प्रभावी है. मुझे तो लगता था कि ठिकाने लग गया है.
पर भैया राजनीति का क्या ठिकाना?!

chaya said...

nice article. i think in chhattisgarh politics influence of jogiji is not going to b end in near future. actually, jogiji has lots of qualities of a politician n the most important is that he has a dam good will power. so in present condition, i feel its going to be very difficult for rivals of jogiji to destroyed his political influence.

Sanjeeva Tiwari said...

19 आरोपियों को उम्रकैद और नौ को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई जिनमें अमित जोगी के नजदीकी लोग और तीन पुलिस अफ़सर भी हैं इस बात पर समाचार पत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायालय ने कहा है कि आरोपियो ने जोगी परिवार से नजदीकिया बढाने के लिये अपराध किये और हमने 36गढ मे जोगी शासन मे प्रत्यक्ष देखा है कि कैसे लोग जोगी परिवार के तलुए चाटने को लालायित रहते थे यह अतिश्योक्ति नही है ”साहब” के लिये सब कुछ करने को उतारू लोग यदि “साहब” के जूते मे गोबर लग गया है तो उसे अपने जीभ से चाट कर साफ करने वाले लोग, बिचारे जोगी जी (परिवार) नाहक फस गये पर . . . . जो तटस्थ है समय लिखेगा उसके भी ईतिहास
धन्यवाद सन्जीत जी जानकारी देने के लिये

Kumar Rahul said...

Your analysis of the news is very good. But I have some points. Like why is the son of late Mr. Jaggi is accusing Amit Jobi even now. And the fact that several of the people who have been sentenced, are clase associates, means that Amit Jogi is anyhwo involved for sure. CBI has been accused hundreds times of following the dictates of the central government, and we can't say for sure that this inquiry has been without any internal setting. I know that a part of the population of CG supports Jogi family no matter what they do; but it is because of teh caste equations, and not because of the ideological support. In any case, Mr. Jogi has proved himself corrupt in front of the world.

Let us hope the truth wins.

Harsh said...

Sanjeet ji
aap ne jo liha hai thats really a matter to think if u like politics. Aur we Indians has only 3 work 1) Politics 2) Criket 3) Gossiping... nways back to topic jogi factor always effect in chhattisgarh policits. He has the capabilty to give result in his. u will think i do not support him n than also i m saying like this its so bcoz i m just impress with his qualities aur kisi ki achi bateo bolna koi bura nahi hai.... aur rahi baat JAGGI uncle ke case fact will come in front and true person will behind the bar.. wheather result come in one month or 10 yrs but real person will be behind the bars donot worry... Jogi and junior jogi is master mind aur 1 aur 1 = 11 hota hai to unka to ho ga hi na ....

what u say ...

Cheers

Girish kabir said...

Dear Sanjeet,
The decision of the Jaggi Murder is the one of the most important result through out the country. eveeybody was waiting for the result. and now the result is in front of everyone. As i am friend of Amit so i am very happy about the release of AJ. well.. Jahhaan tek politics ki baat hai to...no doubt all the opponents ( outsiders and well as from the Congress also) of the JOGI Ji is not feeling well after the release of the AJ.

most of the politician afraid from the image of the Jogi family in the state so they dont wish to see them going farward but they have forgotton the sentence " jeet Unhi ki Hoti hai jinake pass hausala and Jazbaa hota hai".. as i know AJ and JOGI ji is very cool, wel behaved,intelligent,ambitious,brilliant person. they have something on there mind to serve the coomin people of C.G. with the good planning and programme.

Amit has great impression among youth as i have been with him in many programmes. .he is having feelings to serve and work for betterment of C.G. people specially tribals and vulnerable groups. as we talks generally about all these. specially youth agenda of him is really nice.

I fell his future is bright in politics so opponent politicians are not happy abt the court decision. actually they have loose the MUDDA from them to saught about the JAGGI Murder. and now it will be very difficult for rivals of jogiji to destroyed his political influence and success.

the deciaion of the court is really good for the C.G. politics as people can find Another good leader in near future in AMit.

Best luck to JOGI family. Badhayi to all.

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