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08 September 2010

आज का दिन रहा इनके सजने के नाम

जैसा कि अपन ने पिछली पोस्ट पर लिखा था कि पोला/पोरा के दिन कृषकगण अपने बैलों को सजा कर उनकी पूजा करते हैं साथ ही बैल दौड़ व बैल सजाओ प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती है। तो हमारे फोटोग्राफर राजीव सोनकर ने लपक ली सजे-धजे बैलों की ऐसी ही कुछ तस्वीरें।

6 टिप्पणी:

अशोक बजाज said...

प्रशंसनीय पोस्ट !

पोला की बधाई .

Udan Tashtari said...

आभार तस्वीरें दिखाने का.


पोला की बधाई

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

बढि़या नंदिया बईला सजे हे भाई.

प्रवीण पाण्डेय said...

सुन्दर और उत्साह बखानते चित्र।

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर लगा, आप के चित्र देख कर मुझे ,
पोला की बधाई

अनूप शुक्ल said...

इस त्योहार के बारे में तो कल सिद्धार्थ त्रिपाठी की पोस्ट भी देखी। चित्र अच्छे लगे।

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