आइए आवारगी के साथ बंजारापन सर्च करें

13 October 2007

एक लुक ज़रुरी है




ई मेल पर एक मित्र द्वारा फ़ारवर्ड किया हुआ।
तस्वीर को बड़ा कर देखने के लिए उस पर क्लिक करें

11 टिप्पणी:

Shiv Kumar Mishra said...

Project तो महामाया है
आज तुम Project करते हो
कल कोई और करेगा
परसों कोई और करेगा

महामाया....महामाया...लखनऊ के प्रोजेक्ट के बारे में भगवान् कृष्ण बात कर रहे हैं....मुलायम जी ने तो कहा था कि कृष्ण उन्ही की 'जाति' के थे...

लेकिन भगवान् की बात ठीक है....

कल मुलायम जी करेंगे
परसों राहुल जी करेंगे...सरकारें तो बदलेंगी ही...

काकेश said...

अरे वाह हमको तो पहले ही ज्ञान मिल चुका है.

http://kakesh.com/?p=53

देखें,

Gyandutt Pandey said...

वाह मित्र! आपका सौभाग्य है कि आप हिन्दू हैं। कृष्ण मित्र हैं! वर्ना ईश-निन्दा का फतवा तो पक्का था आपके नाम।

कृष्ण के साथ मस्त हो मजाक चल सकता है! :-)

anuradha srivastav said...

संजीत जी, ऐसे ही उम्दा बातें बताते रहियेगा।

Udan Tashtari said...

हरि ओम-आज पूरा गीता सार जान लिया.

Shrish said...

सत्य है, सत्य है। To err is human…

मीनाक्षी said...

इसलिए rework करते जाओ
error की चिंता मत करो ----
सत्य वचन ...! मैने तो जाना कि कर्म करते जाओ , फल की इच्छा मत करो...
धन्यवाद...!

anitakumar said...

सजीत जी
बहुत बड़िया गीता ज्ञान …मन खुश हो गया

Sanjeeva Tiwari said...

कृष्‍णम वंदे जगतगुरू, सब कुछ सिखाने में सिद्धस्‍थ उस मायापति गोपिका रसरासबिहारी कृष्‍ण को बारंबार नमस्‍कार है,
जय हो मेल भेजने वाले का एवं विजय हो संजीत का । आधुनिक साफटवेयर गीता के मुख्‍य पृष्‍ट के प्रकाशन के लिए बधाई ।

sunita (shanoo) said...

वाह! क्या गीता सार है बहुत सुन्दर...लगे रहो मुन्ना भाई...

सुनीता(शानू)

suryakant said...

hai sanju

Post a Comment

आपकी राय बहुत ही महत्वपूर्ण है।
अत: टिप्पणी कर अपनी राय से अवगत कराते रहें।
शुक्रिया ।