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24 September 2007

चीन ने लगाई एस एम एस वोटिंग पर पाबंदी


समाचार एजंसी ए एफ़ पी की खबरों के मुताबिक चीन सरकार ने अमेरिकन आईडल और इस तरह के अन्य रियलिटी टी वी शोज़ पर टेक्स्ट ( एस एम एस), टेलीफ़ोन तथा इंटरनेट वोटिंग पर पाबंदी लगा दी है। उन्हें प्राईम टाईम से हटा कर ड्रेस कोड और नैतिक संहिता का पालन करने कहा गया है!

इस कानून में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को स्वस्थ्य और मैच्योर होना चाहिए, जबकि इन कार्यक्रमों के मेजबान कार्यक्रम के दौरान फ़्लर्ट और अनैतिक शरारत नही कर सकेंगे ।

विस्तृत जानकारी के लिए यहां नज़र डाली जा सकती है।

17 टिप्पणी:

रंजू said...

बहुत ही अच्छा कदम है :) कल इंडियन आइडल देख के तो लग
रहा है यहाँ भी कुछ ऐसा कर देना चाहिए :) वहाँ वोट की गिनती सुन के यूं लगा
कि अब किसी को और कोई काम नही रहा इस के सिवा :)

संजय तिवारी said...

भारत में भी ऐसा ही कुछ हो जाए तो मजा आ जाए,

Suresh Chiplunkar said...

सही कदम, लेकिन लोकतंत्र (?) में यह संभव नहीं है भाई

Sanjeeva Tiwari said...

सौ फीसदी उचित कदम, लोगों के पास और भी काम है यदि उनके पास वक्‍त है तो . . .

भारत में भी यह पाबंदी लगनी चाहिए ।

स्‍वागतेय जानकारी, हैलो संचार मंत्रालय, सुन रहे हैं ना, हम छत्‍तीसगढ से ही बोल रहे हैं ।

ALOK PURANIK said...

लोकतंत्र का एक मतलब यह भी है कि अपनी मनपसंद बेवकूफियां करने का हक हमें भी है।

जोगलिखी संजय पटेल की said...

संजीतभाई क्या करामाती ख़बर दी आपने.साधुवाद.ये काम जितनी जल्द हमारे देश में भी हो जाए तो बेसुरी आवाज़ों का सरताज बनना थम जाए.

Udan Tashtari said...

बढ़िया कदम. भारत में ऐसे ही कदम की जरुरत है.

Dard Hindustani said...

विदर्भ मे आत्महत्या करते किसान की मदद के लिये पूरा देश एस एम एस करना चाहे तो यह पाबन्दी नही लगनी चाहिये अन्यथा मै बाकी सब से सहमत हूँ।

mamta said...

ऐसा कदम हिंदुस्तान मे भी उठाया जाना चाहिऐ।

anuradha srivastav said...

अगर ये नियम हमारे यहाँ भी लागू हो जाये तो उचित होगा । कम से कम प्रतिभाशाली व योग्य व्यक्ति को न्याय तो मिलेगा साथ ही पैसे और समय का दुरुपयोग भी नहीं होगा ।

Kumar Rahul said...

Galati se maine auron ke comments padh liye... Aur ashcharya chakit hua ki ye kya ho raha hai? Pabandi - mang rahi hai janata? Ha ha ha. Desh ke karnadharon ko yahi to chahiye, unko sms pe pabandi lagane ki "adat" lag gayee to pata nahi kya kya par pabandi lag jaaye! Cheen to aloktantrik hai, hum wo nahi.

Shastri JC Philip said...

संजय ने सही कहा है.काश भारत में भी ऐसा हो जाये

-- शास्त्री जे सी फिलिप



प्रोत्साहन की जरूरत हरेक् को होती है. ऐसा कोई आभूषण
नहीं है जिसे चमकाने पर शोभा न बढे. चिट्ठाकार भी
ऐसे ही है. आपका एक वाक्य, एक टिप्पणी, एक छोटा
सा प्रोत्साहन, उसके चिट्ठाजीवन की एक बहुत बडी कडी
बन सकती है.

आप ने आज कम से कम दस हिन्दी चिट्ठाकरों को
प्रोत्साहित किया क्या ? यदि नहीं तो क्यो नहीं ??

sunita (shanoo) said...

बहुत अच्छा हुआ है भारत को भी एसे ही कदम की जरूरत है...

शानू

Sagar Chand Nahar said...

सभी लोगों के विपरित मैंयह कहूंगा कि भारत में ऐसा नहीं होना चाहिये, क्यों कि आज आप इस तरह की वोटिंग बन्द करवाओगे; कल को सत्ताधारी पार्टी कहेगी कि चुनाव में सिर्फ हमारी ही पार्टी को वोट देना जरुरी है, अगर ऐसा नहीं किया तो उसे कारावास में डाल दिया जाएगा।
हद है... लोकतांत्रिक देश में ऐसा होने लगा तो फिर बचेगा ही क्या?

महावीर said...

लोकतांत्रिक देश है, चीन के पद-चिन्हों पर कैसे चल सकते हैं? रही बात आपकी बात के औचित्य की - हम सहमत हैं, जनता जनार्दन का समर्थन अनिवार्य है।

Pushpa Tripathi said...

pehle hi sabse maafi maang loon,to achha rahega.

mujhe samajh nahi aata har wakt
log naitikta ka dhol peette rahte hain aur bas is cheez par pabandi lagao us cheez par pabandi lagao,koi ye batayega ki naitikta kya hoti hai?har koi apne status quo ko banaye rakhne ke aadhar par paribhasha de raha hai.

har jagah bas MORAL POLICING,blog jagat me bhi ye mansikta bahut dekh rahi hoon.

zyadatar yahan log MAGICAL LEVEL of consciouness par hai ,kya hum kabhi NAIVE aur CRITICAL LEVEL OF CONSCIOUSNESS par pahunch payenge.

हर्षवर्धन said...

इस्माइल दरबार के हंगामे के बाद अब यही नौबत यहां भी आने वाली है।

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