आइए आवारगी के साथ बंजारापन सर्च करें

16 June 2010

छत्तीसगढ़ से एक और ब्लॉग

आशुतोष मिश्रा , छत्तीसगढ़ के पुराने पत्रकार हैं। अपने प्रोफाइल पर वे सवाल पूछते हैं कि "लोग इतने ज्यादा असहज होकर क्यों जीना चाहते हैं ???", जवाब मिले तो बताया जाए।

  जनाब पहले रेडिफ पर ब्लॉगलेखन करते थे, वह भी रोमन में। क्योंकि हिंदी कैसे लिखी जाए इसकी जानकारी नहीं थी। उनके मित्र और हमारे इमीजिएट बॉस ने एक दिन इनके रोमन में लिखे ब्लॉग पोस्ट का प्रिंट आउट हमें पढ़वाया। हमने छूटते ही कहा कि रेडिफ पर रोमन में लिखे ब्लॉग को पाठक कितने मिलेंगे, हां अंग्रेजी होती तो मिलते ही। तो पता चला कि मिश्रा जी तकनीक से पूर्णत: परिचित हैं बस दिक्कत है तो ब्लॉग पर हिंदी में लिखने की। यह जानकारी हमने उन्हें उपलब्ध करवाई तो बस दूसरे दिन ही भाई साहब ने ब्लॉगर पर ब्लॉग बना लिया और रेडिफ की अपनी पुरानी पोस्टों को हिंदी में लिखकर नए ब्लॉग पर डाल भी लिया।  उसके बाद नई पोस्ट भी लिख ली।

उनका ब्लॉग मूलत: केंद्रित है छत्तीसगढ़ के सत्ता के गलियारों की उन बातों पर जो होती तो हैं
लेकिन अक्सर खबर के फार्मेट में अखबारों या चैनलों पर नहीं आ पाती।

तो स्वागत करें खबरों की दुनियां नाम के उनके  ब्लॉग का।

शुभकामनाएं मिश्रा जी को।

18 टिप्पणी:

rashmi ravija said...

आशुतोष मिश्र जी का बहुत बहुत स्वागत ब्लॉग जगत में...ढेरों शुभकामनाएं

Sanjeet Tripathi said...

test

shikha varshney said...

आशुतोष जी का बहुत बहुत स्वागत है ..

माधव said...

welcome

P.N. Subramanian said...

मिश्र जी का स्वागत है. हमें भी छत्तीसगढ़ का ब्लॉगर माना जावे.

vinay said...

स्वागत है,आशुतोष मिश्र जी का ।

ललित शर्मा said...

स्वागत है मिश्रा जी का
जानकारी देने के लिए आभार

प्रवीण पाण्डेय said...

स्वागत है ।

आचार्य जी said...

प्रभावशाली प्रस्तुति।

(आईये एक आध्यात्मिक लेख पढें .... मैं कौन हूं।)

वन्दना अवस्थी दुबे said...

आशुतोष जी, बहुत-बहुत स्वागत है.

कुमार राधारमण said...

एक और मित्र को ब्लॉग मंडली में शामिल करवाने के लिए धन्यवाद।

शरद कोकास said...

अरे वा आशुतोष का भी ब्लॉग है । धन्यवाद संजीत इस जानकारी के लिये ।

शरद कोकास said...

अरे वा आशुतोष का भी ब्लॉग है । धन्यवाद संजीत इस जानकारी के लिये ।

Divya said...

You are kind and helpful .

Halke-Fulke said...

sanjeet bhai hame bhi to.......

Halke-Fulke said...

sanjeet bhai hame bhi to.......

Halke-Fulke said...

sanjeet bhai hame bhi to....

सतीश सक्सेना said...

अनिल पुसाद्कर के गुरु को शुभकामनायें ! बहुत अच्छा लगा जानकर ....

Post a Comment

आपकी राय बहुत ही महत्वपूर्ण है।
अत: टिप्पणी कर अपनी राय से अवगत कराते रहें।
शुक्रिया ।